आप 18वीं शताब्दी में उड़ीसा के बालेश्वर जिले के रेमुणा के पास ही एक गांव में आविर्भूत हुए थे। आपने चिल्का सरोवर के किनारे विद्वानों के निवास स्थान पर व्याकरण अलंकार और न्याय शास्त्र का अध्ययन करके उसम
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श्री गंगा माता गोस्वामिनी जी का आविर्भाव
2026-06-24
आप भगवान श्रीचैतन्य महाप्रभु जी की शक्ति, श्री गदाधर पंडित गोस्वामी जी की शिष्य परंपरा में से हैं। जितने भी गुण श्रीकृष्ण से उनके भक्तों में संचारित होते हैं, वह सभी गुण आप में विद्यमान रहते हैं।
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श्री वृन्दावनदास ठाकुर जी का आविर्भाव
2026-05-14
श्री वेदव्यास जी ने श्रीमद् भागवत में कृष्ण लीला का वर्णन किया है। आप इन्हीं व्यास जी से अभिन्न व उनके ही अवतार हैं। आप के द्वारा रचित श्री चैतन्य भागवत में श्री चैतन्य लीला वर्णित हुई है।
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श्री राय रामानन्द जी का तिरोभाव
2026-05-07
श्रील भक्ति विनोद ठाकुर जी ने आपको विशाखा जी के स्वरूप में दर्शन किया। आप के पिताजी का नाम श्रीराय भवानंद था तथा वे पूर्व जन्म में राजा पांडू थे। इस जन्म में शूद्र कुल में पैदा हुए। लौकिक दृष्टि से आ
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श्री भक्ति सारंग गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-05-02
आप 3 फरवरी सन् 1888 वैशाख कृष्ण षष्ठी तिथि में विष्णुपुर महकमा के अंतर्गत पात्रसाय नामक गांव में श्रीरामचन्द्र बंदोपाध्याय तथा श्रीमती ज्ञानदा सुंदरी देवी को अवलंबन कर इस धरातल पर प्रकट हुए। आपके पिता
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श्री परमेश्वरी दास ठाकुर जी का तिरोभाव
2026-05-01
गौरगणोद्देश दीपिका के अनुसार आप, वृज लीला में भगवान बलराम जी के जो प्रमुख बारह ग्वाल बाल सखा हूँ उनमें से एक, अर्जुन नामक सखा हैं। वे अर्जुन नाम के सखा ही श्रीगौर लीला में आप के नाम से प्रसिद्ध हैं।
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श्री नृसिंह देव का प्रकट उत्सव
2026-04-30
भक्तराज प्रह्लाद के पिता हिरण्यकशिपु वेदों के परम विद्वान थे, उन्हें समस्त वेद कण्ठस्थ थे। परन्तु भगवान् श्रीकृष्ण से विमुख होने के कारण उनका स्वभाव आसुरिक था। जब हिरण्यकशिपु की तपस्या से प्रसन्न होकर
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श्री जाह्रवा देवी का आविर्भाव
2026-04-25
पहले जो बलदेव जी की पत्नियाँ वारुणी और श्वेतवंश में उत्पन्न रेवती थीं, वे ही इस अवतार में वसुधा एवं जाह्नवा नाम से नित्यानन्द जी की दोनों पत्नियाॅ हुईं। ये दोनों सूर्य के समान तेजस्वी थीं व सूर्यदास क
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आदि शंकराचार्य जी का प्राकट्य उत्सव
2026-04-22
आपका जन्म केरल के कालड़ी गांव में 788 ईस्वी में हुआ । आप अपने पिता श्रीशिव गुरु भट्ट और माता आर्यम्बा को अवलंबन कर इस जगत में आए। आप अद्वैत सिद्धान्त के प्रमुख प्रतिपादक थे। आपने बौद्ध और जैन मतों के प
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श्री श्रीमद्भक्तिविलास गभस्तिनेमि गोस्वामी महाराज जी का तिरोभाव
2026-04-22
आप पूर्व में हावड़ा जिले के ब्राह्मणपाड़ा गाँव में श्री रामकृष्ण सरकार के द्वितीय पुत्र के रूप में आविर्भूत हुए। आप की किशोर अवस्था में ही धीरावाला वसुराणी के साथ विवाह हुआ। संसार धर्म, नौकरी एवं
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श्रील भक्तिसौध आश्रम गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-04-20
पूर्वबंग फरीदपुर ज़िले में सन् १९१४ के वैशाख माह के अक्षय तृतीया में पिता श्रीयोगेन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय एवं माता श्रीविलासिनी देवी को आश्रय कर आप आविर्भूत हुये। आपके जन्म के पहले मातृदेवी प्रायः स्वप
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श्री श्रीमद्भक्तिविचार यायावर गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-04-19
आप ने पश्चिमबंग मेदिनीपुर जिले में दुरमुख गाँव में पिता श्रीपद्मलोचन पण्डा एवं परम भक्तिमती माता श्रीमती रुक्मिनी देवी के पुत्र रूप में १३१५ बंगाब्द, सन् १९०८ में वैशाखी शुक्ला द्वितीया तिथि शुक्रवार
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श्री भक्ति आलोक परमहंस गोस्वामी महाराज जी का आविर्भाव
2026-04-18
सन् 1894 में वैशाख शुक्ला प्रतिपद तिथि को आपका इस दुनिया में शुभ आविर्भाव हुआ। बचपन से ही आप बहुत भजन परायण थे। पिता-माता ने आपका नाम श्री महेन्द्र नाथ रखा था। श्रील प्रभुपाद का चरणाश्रय कर श्रीहरिना
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श्री गदाधर पण्डित गोस्वामी जी का प्राकट्य
2026-04-17
श्री कृष्ण-लीला में जो श्री राधिका जी हैं श्रीगौर-लीला में वह ही आप हैं। आप श्रीमन् महाप्रभु जी के अन्तरंग-भक्तों में से सर्वप्रधान-भक्त हैं। आप शक्ति-तत्त्व के मूल हैं। ऐसा श्री नवद्वीप लीला और नीला
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श्री वृन्दावन दास ठाकुर का तिरोभाव
2026-04-12
श्री कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास जी ने श्रीमद् भागवत में श्रीकृष्ण लीला का वर्णन किया है। इन्हीं व्यास जी से अभिन्न उनके ही अवतार हैं-- श्री वृन्दावन दास जी। इनके द्वारा रचित श्री चैतन्य भागवत में श्री
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श्रील भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज विरह उत्सव
2026-04-11
लगातार पिछले तीन वर्षों से भारत और संपूर्ण विश्व में श्रील भक्ति बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज का जन्म शताब्दी महोत्सव मनाया गया। आज ही के दिन भगवान श्रीराम इस धराधाम पर प्रकट हुए थे। भगवान श्रीराम जी